धान की फसल के लिए नहर का पूरा पानी नहीं मिला तो होगा प्रदर्शन
Punjab ujala news : गर्मी के मौसम में जब धान की रोपाई का काम जोरों पर होता है तो नहर का पानी किसान के लिए जीवनदायी होता है, लेकिन जब पर्याप्त पानी न मिले तो धान के साथ-साथ किसान की सांसें भी सूख जाती हैं। ऐसा ही कुछ इस बार हो रहा है जब किसानों को धान की खेती के लिए पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिल रहा। भारतीय किसान यूनियन (लक्खोवाल) के राज्य सचिव परमिंदर सिंह पाल माजरा और जिला अध्यक्ष मंजीत सिंह ढींडसा ने कहा कि पंजाब की भगवंत मान सरकार के किसानों को पूरा नहरी पानी देने के दावों की हवा निकल गई है। किसानों के खेतों तक पर्याप्त नहरी पानी नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पिछले दो साल से नहर का पानी खेतों तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह किसानों को धान की फसल के लिए पूरा नहरी पानी उपलब्ध करवाए, अन्यथा वे सरकार के किसान विरोधी रवैये के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने से गुरेज नहीं करेंगे।उन्होंने कहा कि सरकार ने छोटी नहरों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च किये हैं, लेकिन न तो सरकार अपने मकसद में सफल ही हो पायी है और न ही किसान संतुष्ट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव द्वारा नहरी पटवारियों पर किसानों को नहर का पूरा पानी देने की फर्जी रिपोर्ट तैयार करने का दबाव बनाया जा रहा है। जो पटवारी दबाव में नहीं आते उन्हें स्थानांतरण व निलंबन आदि के जरिए डराने का प्रयास किया जा रहा है।
