Lok Sabha Election : मतदान से पहले EC सख्त
भारतीय निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को नामांकन प्रकिया पूरी होने और चुनाव निशान मिलने के बाद अपना आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करना होगा. उम्मीदवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है तो उसे वोटिंग की तारीख से 2 दिन पहले प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया 3 बार इसे प्रसारित करवाना होगा. यदि वो उम्मीदवार किसी राजनीतिक पार्टी है तो उसे पार्टी मुख्यालाय को भी ये सूचना देनी होगी ताकि पार्टी भी अपनी वेबसाइट पर उम्मीदवार के आपराधिक मामलों की जानकारी दे सके.
डीसी और जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत कुमार यादव ने बताया कि मतदान से पूर्व 23 मई तक की अवधि में जिस किसी उम्मीदवार के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है तो उसे इसकी सूचना प्रमुख समाचार-पत्रों व टी.वी. चैनलों पर कम से कम तीन बार अलग-अलग तिथियों में प्रसारित करवानी होगी. नामांकन के दौरान निर्वाचन आयोग के फार्म 26 में उम्मीदवार अपनी चल-अचल संपत्ति, देनदारी और आपराधिक मामले के बारे में विवरण देता है.
सर्वोच्च न्यायालय के इस विषय में आदेश के बाद वर्ष 2018 में भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी किए थे कि चुनाव प्रचार के दौरान आपराधिक रिकार्ड वाले प्रत्याशी और उसकी पार्टी को इस बारे में तीन बार उम्मीदवार के खिलाफ दर्ज किए गए आपराधिक मामलों के बारे में सी-1 फॉर्मेट में सूचना समाचार-पत्रों में प्रकाशित करवानी होगी. इसी प्रकार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी यह सूचना 3 बार प्रसारित की जाएगी.
