Search for:
  • Home/
  • India/
  • WHO ने इस बीमारी को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया, जानिए कितना खतरनाक है Mpox

WHO ने इस बीमारी को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया, जानिए कितना खतरनाक है Mpox

Punjab ujala news : विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO मंकीपॉक्स बीमारी को विश्व के लिए पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है. पिछले दो साल में डब्ल्यूएचओ ने इस बीमारी को दूसरी बार पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है. पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी का मतलब है कि यह बीमारी पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है और इस पर तत्काल रिसर्च, फंडिंग, आपसी सहयोग और बीमारी को बढ़ने से रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है. दरअसल, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगों में एमपॉक्स का बेहद खतरनाक स्ट्रैन सामने आया है. पिछले सप्ताह ही डब्ल्यूएचओ ने इस बीमारी को लेकर आपात बैठक बुलाई थी. इसके बाद डब्ल्यूएचओ के डीजी डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा था कि इस बात का अंदेशा है कि कांगों में मंकीपॉक्स का जो नया स्ट्रैन मिला है, वह बेहद घातक है औऱ अगर यह अफ्रीका से बाहर गया तो पूरे विश्व में इसके फैलने की आशंका है.

तत्काल अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की जरूरत
मंकीपॉक्स वायरस का जो नया स्ट्रैन कांगों में मिला है वह इतना खतरनाक है कि 10 संक्रमित मरीजों में से एक की जान चली जाती है. कांगों में जो नया स्ट्रैन आया है उसका नाम क्लेड 1 clade 1b रखा गया है. यह वैरिएंट एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नजदीकी संपर्क से आता है. यह सेक्सुअल संबंध से भी फैल सकता है. फिलहाल यह कांगों और कांगों की सीमा से सटे बुरुंडी, केन्या, रवांडा, यूगांडा में पसर चुका है और इस कारण डब्ल्यूएचओ की इस बात की अंदेशा है कि यह बीमारी और देशों में भी फैल सकती है. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बताया है कि अब यह बात साफा हो चुकी है कि यह बीमारी फैल चुकी है और इसे रोकने के लिए और लोगों की जिंदगी बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है. किन लोगों को ज्यादा खतरा

एमपॉक्स का खतरा किन्हें है ज्यादा
मंकीपॉक्स के वायरस का खतरा पुरुष और पुरुष के बीच यौन संबंध बनाने वाले पुरुषों में ज्यादा होता है. इसके अलावा एक से ज्यादा लोगों के साथ शारीरिक संबंध बनाने वालों को भी इसका ज्यादा खतरा है. वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक ऐसे में यह बीमारी यौनकर्मियों में ज्यादा हो रही है. डब्ल्यूएचओ के डीजी डॉ. टेड्रोस ने बताया कि डब्ल्यूएचओ बीमारी से प्रभावित देशों की सरकारों के साथ काम कर रहा है और इससे रोकने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सामुदायिक स्तर पर समग्र रणनीति बनाने की जरूरत है. फिलहाल इस बीमारी के मद्देनजर कांगो में परिवहन सेवा को बंद नहीं किया गया है कि लेकिन इसे लेकर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.