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अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस विदेशियों के लिए खुले हैं इन सेनाओं के दरवाजे

Punjab ujala news : यूक्रेन से युद्ध लड़ रहे रूस में कुछ भारतीयों के फंसे होने की रिपोर्ट्स हैं. खबरों के मुताबिक, उन्हें नौकरी का लालच देकर रूसी सेना में शामिल होने पर मजबूर किया गया. रूसी सेना में विदेशी नागरिकों को पांच साल के ठेके पर रखा जा सकता है. बशर्ते उनकी उम्र 18 से 30 साल के बीच हो, रूसी भाषा जानते हों और कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो. इन रंगरूटों को रूस चाहे तो विदेशी मोर्चे पर भी भेज सकता है. रूस ही नहीं – अमेरिका और फ्रांस समेत कई देश अपनी सेनाओं में विदेशी नागरिकों को शामिल करते हैं. हालांकि, विदेशियों के लिए हर देश की अपनी-अपनी शर्तें हैं. सेना के जरिए उस देश का नागरिक बनने का रास्ता भी आसान हो जाता है. आइए जानते हैं कि कौन-कौन से देश अपनी सेनाओं में विदेशियों को एंट्री देते हैं.

अमेरिका

ग्रीन कार्ड यानी परमानेंट रिहाइश रखने वाले विदेशी अमेरिका की सेनाओं में भर्ती हो सकते हैं. हालांकि, वे बड़े अफसर नहीं बन सकते. विदेशियों के लिए मिलिट्री सर्विस से अमेरिका में नैचुराइलेशन के जरिए नागरिकता पाना आसान हो जाता है. अगर आपने US मिलिट्री में एक साल काम कम लिया तो आप नागरिकता के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं. हर साल ऐसे 5000 लोग US की सेनाओं के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं.

यूक्रेन

रूस से युद्ध के बीच, यूक्रेन आर्मी ने भी विदेशियों के लिए दरवाजे खोल दिए. यूक्रेन की सेना में भर्ती होने के लिए पहले से लड़ाई का अनुभव होना चाहिए. ऊपर से आपको कपड़े, बॉडी आर्मर, हेलमेट वगैरह खुद लेकर आना पड़ेगा. दूतावास के जरिए अप्‍लाई करना होता है. कागजी कार्रवाई पूरी करने क बाद यूक्रेन ले जाया जाता है इंटरनेशनल लीजन ऑफ डिफेंस में शामिल कराने के लिए. फिलहाल युद्ध के चलते वीजा की बाध्यता नहीं है.

ब्रिटेन

ब्रिटिश सेना में उन सभी देशों के नागरिक शामिल हो सकते हैं जो पूर्व में उसके गुलाम रहे हैं. इन देशों को कॉमनवेल्थ कहा जाता है. भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, श्रीलंका समेत कुल 55 देश कॉमनवेल्‍थ में आते हैं. कॉमनवेल्थ देशों के वे नागरिक जो कम से कम 5 साल यूके के निवासी रहे हैं, अप्‍लाई कर सकते हैं. उम्मीदवारों की उम्र 16 से 49 साल के बीच होनी चाहिए. ब्रिटिश सेना में 4 साल सर्विस के बाद ये वालंटियर्स अनिश्चितकालीन छुट्टी के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं ताकि UK में ही रह सकें.

फ्रांस

फ्रांस की ‘फॉरेन लीजन’ दुनिया की इकलौती ऐसी मिलिट्री यूनिट है जो पूरी तरह विदेशी सैनिकों से भरी जाती है. इसमें पूरी दुनिया से कोई भी शामिल हो सकता है. यूरोपियन इकॉनमिक एरिया में रहने वालों को केवल ID की जरूरत पड़ती है. बाकी जगह के उम्मीदवारों के पास वैध पासपोर्ट होना चाहिए. उनकी उम्र 17 से 39 साल के बीच होनी चाहिए. फ्रेंच आना या डिग्री होना जरूरी नहीं, बस कोई एक भाषा बोलना-लिखना आता हो. सेलेक्‍शन के बाद फ्रेंच भाषा की ट्रेनिंग दी जाती है. 2022 में 1700 नए कैंडिडेट्स भर्ती किए गए थे. ‘फॉरेन लीजन’ में तीन साल की सर्विस के बाद फ्रांस की नागरिकता के लिए अप्‍लाई कर सकते हैं.

भारत

भारत की सेना नेपाल और भूटान के नागरिकों को शामिल करती है. भारतीय मूल के कुछ विदेशी भी पात्र हैं वे पाकिस्तान, बर्मा, श्रीलंका, केन्या, युगांडा, तंजानिया, जाम्बिया, मलावी, इथियोपिया और वियतनाम से आए भारतीय मूल के अप्रवासी होने चाहिए जो भारत में स्थायी रूप से बसना चाहते हैं. सभी आवेदकों की आयु 20 से 27 के बीच होनी चाहिए. भारतीय सेना कई देशों के अफसरों को अपने यहां ट्रेनिंग भी देती है.

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया की मिलिट्री में विदेशियों की एंट्री तभी संभव है जब उनके पास अनुभव हो. ऑस्ट्रेलियाई सेना के लिए दूसरे देशों के वर्तमान और पूर्व सैनिक ही अप्‍लाई कर सकते हैं. उम्मीदवार की उम्र 48 साल से कम होनी चाहिए और उसके पास कम से कम 5 साल का फुल टाइम मिलिट्री एक्‍सपीरिएंस होना चाहिए. अंग्रेजी के लिए IELTS जैसे टेस्‍ट से भी गुजरना पड़ सकता है. रैंक-एंड-फाइल जवान बनने के लिए 10वीं तक की पढ़ाई जरूरी है, अफसर बनने के लिए कक्षा 12 पास होना अनिवार्य है. ऑस्ट्रेलियाई मिलिट्री में सर्विस से विदेशियों को नागरिकता पाने में कोई फायदा नहीं मिलता.