इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर सीजेआई सुना रहे फैसला
Punjab ujala news : इलेक्टोरल बॉन्ड अब गोपनीय नहीं रहेगा, अब पब्लिक को पता होगा कि किसने, किस पार्टी की फंडिंग की है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम मौजूदा स्वरूप में सूचना के अधिकार कानून का उल्लंघन कर रहा है। इसका मतलब है कि इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को खत्म तो नहीं किया जाएगा, लेकिन दानदाता की पहचान गुप्त रखने के प्रावधान को हटाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट चुनावी बॉन्ड स्कीम की कानूनी वैधता से जुड़े मामले में आज अपना फैसला सुना रहा है। पूरा मामला राजनीतिक दलों को गुमनाम तरीके से चंदा देने की अनुमति वाले इलेक्टोरल बॉन्ड योजना से जुड़ा है। जिसकी कानूनी वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सर्वोच्च कोर्ट का फैसला आने लगा है। इस मामले पांच जजों की संविधान पीठ ने तीन दिन की सुनवाई के बाद 2 नवंबर, 2023 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए भारतीय चुनाव आयोग (ECI) से योजना के तहत बेचे गए चुनावी बॉन्ड के संबंध में 30 सितंबर, 2023 तक डेटा जमा करने को कहा था।
इस मामले की सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने किया। इसमें सीजेआई के साथ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं। संविधान पीठ ने 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक पक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर से दी गई दलीलों को सुना था। तीन दिन की सुनवाई के बाद कोर्ट ने 2 नवंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
