Search for:
  • Home/
  • Punjab/
  • पंजाब में 2 लाख खपतकारों के गैस कनेक्शन रद्द!

पंजाब में 2 लाख खपतकारों के गैस कनेक्शन रद्द!

Punjab ujala news : देश की तीनों प्रमुख गैस कंपनियों इंडेन गैस, भारत गैस और हिंदुस्तान गैस द्वारा दिखाई गई सख्ती आम जनता पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है, गैस कंपनियों द्वारा केवल लुधियाना में बिना ई-के.वाई.सी. वाले करीब 2 लाख उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन रद्द कर दिए गए हैं। ऐसे में एल.पी.जी. की भारी किल्लत के कारण चारों ओर हाहाकार मची हुई है।

जानकारी के मुताबिक अधिकतर घरेलू गैस उपभोक्ताओं द्वारा ई-के.वाई.सी. नहीं करवाए जाने के पीछे विभिन्न प्रकार के कारण और मजबूरियां छुपी हुई हैं, जिसमें मुख्य तौर पर जिन परिवारों के जवान बच्चों के नाम पर गैस कनेक्शन चल रहे हैं, वे विदेश में बस गए हैं जबकि पीछे उनके बुजुर्ग मां-बाप घरों में अकेले रह गए हैं।

वहीं, जिन उपभोक्ताओं की मौत हो चुकी है और फिलहाल उनकी ई.के.वाई.सी. पैंडिंग है उन परिवारों को भी गैस सिलैंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है। असल में कंपनियों द्वारा घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक ही छत के नीचे चल रहे मल्टीपल गैस कनैक्शनों पर नकेल कसने के लिए प्रत्येक उपभोक्ता की वैरीफिकेशन, ई-के.वाई.सी. और उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ही गैस सिलैंडर की बुकिंग करवाने जैसी शर्तें अनिवार्य की गई हैं।

गृह प्रवेश और नवविवाहित जोड़ियों को बढ़ी मुश्किलें

इस दौरान जो अहम बात उभर कर सामने आई है, वह यह है कि विवाह-शादियों में त्यौहारों के सीजन दौरान नए मकान के मुहूर्त, गृह प्रवेश और नव विवाहित जोड़ियों को अपना विवाहित जीवन शुरू करने के लिए तमाम कोशिशें के बावजूद नए गैस कनैक्शन नहीं मिल रहे हैं। आमतौर पर जब किसी परिवार में बच्चों की शादी होती है तो परिवार द्वारा नवविवाहित जोड़ी लड़का या लड़की के नाम पर नया गैस कनैक्शन लिया जाता है लेकिन मार्च-2026 से गैस कंपनियों द्वारा बंद किए गए नए गैस कनेक्शन प्रत्येक परिवार के लिए मुसीबतों का कारण बन रहे हैं।

आम जनता और गैस एजेंसी डीलरों को किस बात को दी जा रही है सजा : अग्रवाल

एल.पी.जी. ट्रेड का किंग माने जाने वाले अरुण गैस सर्विस के प्रमुख अरुण अग्रवाल ने सिस्टम के खिलाफ सवाल खड़े करते हुए पूछा है कि नवविवाहित जीवन की शुरूआत करने वाले हमारे बच्चों को, आम जनता और गैस एजैंसियों के डीलरों को आखिर किस बात की सजा मिल रही है यह बात समझ से परे होती जा रही है।