98 मिनट लंबा भाषण, पाकिस्तान-0, बांग्लादेश-4, 2047 के लिए 24*7 पर मोदी का फोकस
Punjab ujala news : भारत आज जश्न-ए-आजादी मना रहा है. पीएम मोदी ने 11वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराया. लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने विकसित भारत @2047 का रोड मैप रखा. पीएम मोदी ने अपने 98 मिनट लंबे भाषण में सपनों के भारत की तस्वीर दिखाई तो दूसरी ओर युद्ध लड़ने को बेताब दुनिया को बुद्ध का संदेश दिया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में पाकिस्तान का एक बार भी जिक्र नहीं किया. मगर उन्होंने उस पड़ोसी का जिक्र जरूर किया, जहां बीते कुछ दिनों से उथल-पुथल मची हुई है. जी हां, पीएम मोदी ने अपने भाषण में बांग्लादेश का 4 बार जिक्र किया और कहा कि भारत उसकी मदद करता रहेगा. पीएम मोदी ने कोलकाता डॉक्टर मर्डर कांड पर भी इशारों-इशारों में कहा कि पापियों के मन में अब डर पैदा करना जरूरी है. वहीं, पीएम मोदी ने अगले पांच साल में 75 हजार मेडिकल सीटों का वादा किया. तो चलिए जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपने भाषण में किन-किन मुद्दों पर क्या-क्या कहा?
‘हम बुद्ध का देश हैं, युद्ध हमारी राह नहीं है’
लाल किले से पीएम मोदी ने देश की चुनौतियों पर ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि कई चुनौतियां हैं, देश के भीतर भी हैं और बाहर भी हैं. मैं ऐसी शक्तियों को कहना चाहता हूं कि भारत का विकास किसी के लिए संकट लेकर नहीं आता. जब हम विश्व में समृद्ध थे, तब भी हमने विश्व को कभी युद्ध में नहीं झोंका. हम बुद्ध का देश हैं, युद्ध हमारी राह नहीं है.
महिलाओं के खिलाफ अपराध का पीएम मोदी ने किया जिक्र
पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में कुछ चिंता की बातें भी हैं. मैं यहां से अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहता हूं. एक समाज के नाते हमें ये सोचना होगा कि हमारी माता, बहनों और बेटियों के साथ जो अत्याचार हो रहे हैं. उसके प्रति लोगों का आक्रोश है. राज्य सरकारों को इसे गंभीरता से लेना होगा. महिलाओं के खिलाफ अपराधों की जल्द से जल्द जांच हो, राक्षसी काम करने वाले लोगों को जल्द से जल्द कड़ी सजा हो. समाज में विश्वास पैसा करने के लिए ये जरूरी है. महिलाओं पर अत्याचार की जब घटनाएं होती हैं तो उसकी बहुत ज्यादा चर्चा होती है. मगर जब ऐसा करने वाले राक्षसी व्यक्ति को सजा होती है तो इसकी खबर कोने में नजर आती है. इस पर चर्चा नहीं होती है. अब समय की मांग है कि ऐसा करने वाले दोषियों की भी व्यापक चर्चा हो ताकि ऐसा पाप करने वालों को भी डर हो कि उन्हें फांसी पर लटकना पड़ेगा. मुझे लगता है कि ये डर पैदा करना जरूरी है.’
