दिल्ली-एनसीआर छोड़ो, किसानों ने यूरोप को ट्रैक्टरों से क्यों किया ब्लॉक
Punjab ujala news : फ्रांस किसानों के विरोध प्रदर्शन यहां जनवरी से शुरू हो गए. किसानों ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की कृषि नीतियों को मानने से इनकार कर दिया. फ्रांसीसी किसान बेहतर आदमनी और नौकरशाही के कम दखल की मांग कर रहे हैं वह विदेशी प्रतिस्पर्धा का विरोध कर रहे हैं. फ्रांसीसी सरकार ने हालंकि कृषि डीजल पर सब्सिडी को धीरे-धीरे कम करने की योजना जनवरी के अंत तक छोड़ दी लेकिन विरोध प्रदर्शन जारी है.ब्रुसेल्स यह शहर बेल्जियम और यूरोपीय संघ की राजधानी है. यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के किसान अपनी मांगों को लेकर इस शहर विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं. इन दिनों बेल्जियम के किसान भी नए जलवायु नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
रिकॉर्ड तोड़ सूखे के बीच 1 फरवरी को विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ. हालांकि स्पेन के कृषि मंत्री ने किसान संघों से मुलाकात की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. सरकार ने 140,000 किसानों के लिए 290 मिलियन डॉलर की सहायता की घोषणा की है. यूक्रेन से सस्ते आयात के अलावा किसान मोरक्को से टमाटर के आयात से भी नाखुश हैं.
एक महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी है कि सरकार ने पिछले साल दक्षिणपूर्वी स्पेन में सिंचाई के लिए टैगस नदी से पानी में कटौती कर दी थी, जिससे इस क्षेत्र में कृषि खत्म हो सकती है. कृषि समूहों ने कहा कि इससे 12,200 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बेकार हो जाएगी और 15,000 नौकरियों का नुकसान होगा.
