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ब्याज और हालात की बलि चढ़ गया पोस्टमास्टर का परिवार, सुसाइड नोट से हुए कई खुलासे

पंजाब उजाला न्यूज

ब्याज और हालात की बलि चढ़ गया पोस्टमास्टर का परिवार, सुसाइड नोट से हुए कई खुलासे

जालंधर(राहुल कश्यप)जालंधर के ड्रोली खुर्द में पांच लोगों की मौत की वजह बना ब्याज पर लिया पैसा। अब पोस्टमास्टर मनमोहन का सुसाइड नोट सामने आया है , जिसे पढ़कर पता चलता है कि वह किस तरह हालात और ब्याज के बोझ तले इतना दब गया कि उसे परिवार की हत्या जैसा कदम उठाना पड़ गया। पुलिस ने पत्नी, 2 बेटियों और नातिन की हत्या कर खुदकुशी करने वाले पोस्टमास्टर पर हत्या का केस दर्ज किया है। पोस्टमास्टर मनमोहन ने रविवार रात चारों की गला घोंटकर हत्या करने के बाद पंखे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। लगभग पूरा परिवार खत्म हो गया। अब मनमोहन के बेटे का इंतजार है, जो आस्ट्रेलिया में रह रहा है। नए साल पर इस मामले ने सबक हिलाकर कर रख दिया।
मनमोहन ने सुसाइड नोट में लिखा कि -कभी-कभी इंसान न तो टूटता है और ना ही बिखरता है, बस एक जगह पर आकर हार जरूर जाता है। कभी अपने आप से और कभी किस्मत के चलते, मेरा कुछ इस तरह का ही हाल है। मैंने अपनी देखा देखी में कभी किसी के साथ धोखा नहीं किया। मगर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिसने भी मेरे साथ दोस्ती की, उसके साथ धोखा ही हुआ।
बात तब शुरू होती है, जब मैंने एक मुर्गीखाना खोला। पहले तो 6 लाख रुपए का लोन लिया। मगर काम नहीं चल पाया। जिसके बाद मैंने डाकखाने के फिक्स डिपॉजिट के सर्टिफिकेट छापने का काम शुरू किया। मगर कुछ हाथ नहीं लगा। मैंने फिल्म बनाने वालों के साथ काम शुरू किया। मगर वो भी काम नहीं चला और जो साथी थे वे भी पैसा लेकर भाग गए।सभी जगह पर पैसे उधार लेकर लगाए थे। उधार चुकाने के लिए और पैसे ब्याज पर लेने पड़ रहे थे। ये सभी बातें परिवार के किसी भी सदस्य को पता नहीं थी, क्योंकि डाकखाने में ही सारा पैसे के लेनदेन का काम हो जाता था। मैंने 2 से 3% पर पैसे लिए थे।जिससे एक लाख लिया था और थोड़ी देर बाद 14 लाख बन गया। कुछ देर बाद वही पैसा करीब 25 लाख के पास पहुंच गया था। सारे पैसे का ब्याज हर माह करीब 50 हजार से ज्यादा हो गया था। अभी तक सभी करीब 70 लाख रुपए से ज्यादा पैसे ले भी चुके थे।जालंधर की कुलविंदर कौर से साल 2003 में करीब 1.50 लाख रुपए लिए थे। इसका करीब 4 माह तक ब्याज दिया गया। मगर फिर आज के करते-करते 20 साल निकाल दिए। ऐसे में पैसे बढ़ते-बढ़ते करीब 25-30 लाख बना दिए गए। 50 हजार रुपए के कुलविंदर कौर ने 8 लाख रुपए बना दिए। जब पानी सिर से ऊपर चला गया तो इस सारे सिलसिले की बात मेरे परिवार तक पहुंच गई।अब कुछ नहीं हो सकता, सिवाय मैं मौत को गले लगा लूं और ये मुझे करना ही पड़ेगा। अगर ऐसा न किया तो पैसे लेने वाले वैसे भी नहीं छोड़ेंगे। दोनों के नोट साथ में लगा दिए गए हैं। मैं सबसे माफी मांगना चाहता हूं।
सरकार से मैं आस करता हूं कि सभी के जायज पैसे वापस किए जाएं, क्योंकि अब मेरे पास कोई पैसा नहीं बचा है। सारा पैसा एक-एक कर मांगने वालों को दे चुका हूं। हो सके तो हमारा संस्कार सरकार की ओर से शहर की बिजली वाली भट्ठी या गैस चैंबर में किया जाए। आप का बहुत बहुत धन्यवाद होगा।
पुलिस ने इस घटना की जानकारी मनमोहन के ऑस्ट्रेलिया रह रहे बेटे चरनप्रीत सिंह को दे दी है। चरनप्रीत करीब 2 साल पहले ही ऑस्ट्रेलिया गया था। अब वह वहां पर ऑस्ट्रेलिया का सिटीजन है। पुलिस का कहना है कि चरनजीत जल्द भारत लौटेगा, जिसके बाद पुलिस उसके भी बयान दर्ज करेगी। चरनप्रीत के लौटने के बाद परिवार का संस्कार किया जाएगा।