कुत्तों से डरी दस साल की बच्ची को साइलेंट अटैक, पार्क में लड़ रहे कुत्तों में फंस गई थी जसमीत
PUNJAB UJALA NEWS
कुत्तों से डरी दस साल की बच्ची को साइलेंट अटैक, पार्क में लड़ रहे कुत्तों में फंस गई थी जसमीत
चंडीगढ़ के मनीमाजरा में आवारा कुत्तों की लड़ाई में बच्ची की जान चली गई। सैकेंड स्टैंडर्ड में पढ़ने वाली दस साल की जसमीत पार्क में खेल रही थी। पार्क में आवारा कुत्ते लड़ रहे थे। लड़ते-लड़ते वो जसमीत के पास आ गए। जसमीत कुत्तों के बीच घिर गई और उसकी पल्स रेट अचानक बंद हो गई। जिस कारण उसकी मौत हो गई।
जसमीत वाटिका पब्लिक स्कूल सेक्टर 19 की छात्रा थी। बच्ची के घरवालों ने बताया कि जसमीत स्कूल से आने के बाद पार्क में खेलने गई थी। इस दौरान दो तीन कुत्ते लड़ते-लड़ते उसके पैरों के पास आ गए। जसमीत कुत्तों से इतना डर गई कि उसकी मौत हो गई।
उसकी मौत का कारण साइलेंट अटैक बताया जा रहा है। जसमीत की पल्स रेट बिल्कुल बंद हो चुकी थी। घरवाले उसे अस्पताल में लेकर गए, मगर उसकी मौत हो चुकी थी। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत है।
हाईकोर्ट का आदेश
चंडीगढ़ में पिछले 4 साल में 42866 मामले कुत्तों के काटने के दर्ज किए गए हैं, जो पूरे देश में केंद्र शासित प्रदेशों में दूसरे नंबर पर है। आए दिन चंडीगढ़ में डॉग बाईट के मामले सामने आते रहते हैं। पिछले महीने ही हाईकोर्ट ने अब पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ की सरकारों को डॉग बाइट पर मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट के न्यायधीश विनोद एस. भारद्वाज की पीठ ने 193 याचिकाओं का निपटारा करते हुए ये निर्देश दिए थे।
डर से धड़कन रुक सकती है – डा. सूरीग्लोबल हास्पिटल जालंधर के कार्डियोलाजिस्ट डाक्टर पवन सूरी के साथ खबरिस्तान रिपोर्टर ने इस मामले में बात की। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में परिवार की हिस्ट्री देखी जाती है। अगर फैमिली हिस्ट्री में दिल की बिमारी नहीं तो ये पैनिक अटैक ही है। डर की वजह से बच्ची धड़कन रुकी हो सकती है।
