Punjab ujala News: पंजाब के बिजली महकमे में बड़े स्कैंडल का पर्दाफाश, जालंधर और लुधियाना के 22 मीटर रीडर समेत सर्कल व जोनल मैनेजर बर्खास्त
Punjab ujala News: पंजाब के बिजली महकमे में बड़े स्कैंडल का पर्दाफाश, जालंधर और लुधियाना के 22 मीटर रीडर समेत सर्कल व जोनल मैनेजर बर्खास्त
Punjab ujala News: पंजाब में बिलजी माफी को लेकर नया स्कैंडल सामने आया है। यह स्कैंडल कोई और नहीं, बल्कि मीटर रीडर और उपभोक्ताओं के साथ मिलकर चला रहे थे। मीटर रीडरों में 2 लुधियाना और बाकी जालंधर के हैं। स्कैंडल का पर्दाफाश करते हुए बिजली महकमे ने 22 मीटर रीडर, सर्कल मैनेजर और जोनल मैनेजर को नौकरा से बर्खास्त कर दिया है।
आपको बता दें कि पंजाब में 600 यूनिट तक बिजली फ्री है, इसके ऊपर अगर एक भी यूनिट होता है तो उपभोक्ता को पूरा बिल जमा करवाना पड़ता है। बर्खास्त मीटर रीडर उपभोक्ताओं से सांठगांठ कर बिल रीडिंग में हेराफेरी करते थे, जिससे उपभोक्ता का 600 यूनिट से ज्यादा रीडिंग नहीं दिखाते थे। इसके एवज में मीटर रीडर उपभोक्ताओं से कुछ पैसे लेते थे।
पावरकॉम के एनफोर्समेंट विंग ने लुधियाना और जालंधर सर्किल के आउटसोर्स मीटर रीडरों की कारगुजारी की जांच की थी। जिसमें यह गड़बड़ियां पकड़ी गई। चीफ इंजीनियर इनफोर्समेंट पटियाला के इंजीनियर हीरा लाल गोयल ने बताया कि लुधियाना के आठ नंबर स्क्वैड के केंद्रीय जोन, लुधियाना चार नंबर सर्किल की चेकिंग अप्रैल 2022 से लेकर जुलाई 2023 तक का रिकार्ड चेक किया था। जिसमें इनकी तरफ से मीटर रीडिंग छुपाने, गलत रीडिंग रिकॉर्ड करने समेत कई गड़बड़ियां मिली हैं।
पटियाला हेड आफिस द्वारा जारी बयान के अनुसार जालंधर में एक घरेलू खाता नंबर 3001379219 की मीटर रीडिंग चेक की तो 15912 रीडिंग पाई गई जबकि कंपनी के रिकार्ड में नवजीत द्वारा दर्ज रीडिंग 15821 थी। इसी तरह एक अन्य घरेलू खाता नंबर 3001379262 चेक किया गया, जिसकी रीडिंग 2417 थी लेकिन कंपनी रिकार्ड में यह 2315 दर्ज थी।
वहीं रीडर बोबी शर्मा द्वारा घरेलू खपतकार 3001384136 की रीडिंग 37707 थी लेकिन इसे 37642 दर्ज किया हुआ था। दोनों रीडरों की रिकार्ड में 61, 102 व 65 यूनिट का हेरफेर किया हुआ था। इस हेरफेर का मकसद था कि खपतकारों को 600 यूनिट के माफी वाले दायरे में लाया जा सके।
इन दोनों रीडरों नवजीत सिंह और बॉबी शर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए खपतकारों को असल बिल जारी किया जा चुका है। खपतकारों से असल बिल के तौर पर 57,678 रूपए विभाग ने वसूल कर लिया है।
