लुधियाना में शर्मनाक वारदात
महानगर में रिश्तों को तार-तार और इंसानियत को शर्मसार करने वाला दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 13 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ उसी के मकान में रहने वाले दो युवकों ने हवस का शिकार बनाकर उसे गर्भवती कर दिया। डॉक्टरों द्वारा बच्ची की कम उम्र और डिलीवरी को जानलेवा बताए जाने के बाद अदालत ने पीड़िता के सुरक्षित गर्भपात की मंजूरी दे दी है। पुलिस ने पॉक्सो व गैंगरेप की धाराओं के तहत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके डीएनए सैंपल ले लिए हैं।
राखी के रिश्ते को किया कलंकित, डरा-धमकाकर लूटी आबरू
पीड़िता के पिता ने रोते हुए बताया कि उनकी 13 वर्षीय बेटी 6 भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है और घर पर छोटे बच्चों की देखरेख करती थी। उसी मकान में किराए पर रहने वाला उत्तर प्रदेश का एक युवक उनका दूर का रिश्तेदार था, जिसे बच्ची सगा भाई मानकर राखी बांधती थी। आरोपी ने इस पवित्र रिश्ते को तार-तार करते हुए करीब 7 महीने पहले बच्ची से दो बार दुष्कर्म किया और वारदात के बाद मुंबई भाग गया। इसके बाद मकान में रहने वाले दूसरे किराएदार ने भी बच्ची को अकेला पाकर जबरन बाथरूम में खींचा और दुष्कर्म किया। आरोपी ने किसी को बताने पर बच्ची और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर कई बार उसका शारीरिक शोषण किया।
पेट दर्द होने पर खुला खौफनाक राज
परिजनों के अनुसार, बीते 29 जुलाई को जब बच्ची के पेट में अचानक तेज दर्द हुआ, तो मां ने पेट सहलाया। पेट में असामान्य हलचल महसूस होने और मां द्वारा प्यार व सख्ती से पूछताछ करने पर बच्ची फूट-फूट कर रोने लगी और दोनों दरिंदों की पूरी करतूत बयां कर दी। सच्चाई सामने आने पर आरोपियों ने पहले शादी का झांसा देकर समझौते का दबाव बनाया और बाद में धमकियां देने लगे। इसके बाद पिता ने सूझबूझ से काम लेते हुए मुंबई भागे आरोपी को फोन कर लुधियाना वापस बुलाया और दोनों को पुलिस के हवाले करवा दिया।
मेडिकल में 5 महीने की प्रेग्नेंसी की पुष्टि, डॉक्टरों ने बताया जानलेवा
मामले की जांच कर रहे एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि पीड़िता की मां की शिकायत पर सिविल अस्पताल में मेडिकल और अल्ट्रासाउंड करवाया गया, जिसमें बच्ची करीब 5 महीने की गर्भवती पाई गई। गाइनेकोलॉजिस्ट डॉक्टरों के बोर्ड ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि 13 साल की बच्ची का इस उम्र में बच्चे को जन्म देना उसकी जान के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है, लेकिन 24 सप्ताह से कम समय होने के कारण सुरक्षित गर्भपात किया जा सकता है।
माता-पिता की सहमति के बाद कोर्ट ने दी इजाजत
थाना डिवीजन नंबर-6 की एसएचओ अवनीत कौर ने बताया कि डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट और बच्ची की नाजुक स्थिति को आधार बनाकर पुलिस ने माननीय अदालत में गर्भपात की अनुमति के लिए याचिका दायर की। अदालत में पीड़िता के माता-पिता को बुलाकर उनकी लिखित सहमति ली गई, जिसके बाद कोर्ट ने गर्भपात की कानूनी मंजूरी प्रदान की।
