किसानों का केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा ऐलान
Punjab ujala news : किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब, जिला कपूरथला के नेताओं ने विभिन्न जोनों की बैठकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड समझौते का कृषि क्षेत्र, पशुपालन, पोल्ट्री और मत्स्य पालन जैसे कई व्यवसायों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी के विरोध में तथा अन्य मांगों को लेकर 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर महा रैली आयोजित की जाएगी। इसमें शामिल होने के लिए जिला कपूरथला के सभी जोनों के किसान और मजदूर 20 जुलाई को बसों के जरिए दिल्ली रवाना होंगे। नेताओं ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार फ्री ट्रेड समझौता रद्द, किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज माफ, एमएसपी की कानूनी गारंटी, सी-2 प्लस फॉर्मूले के अनुसार फसलों के दाम तय, डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू तथा बिजली संशोधन विधेयक-2025 वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार किसानों और मजदूरों पर अत्याचार कर रही है, जिसका आने वाले दिनों में कड़ा विरोध किया जाएगा। साथ ही शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान हुए नुकसान के लिए 3 करोड़ 77 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी की जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, छात्र संगठनों, किसानों और मजदूरों समेत सभी वर्गों को सरकार की कॉरपोरेट नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
15 जुलाई को निकलेगा मोटरसाइकिल मार्च
जिला अध्यक्ष सरवण सिंह बाऊपुर और जिला सचिव शेर सिंह महीवाल ने बताया कि 15 जुलाई को होने वाले मोटरसाइकिल मार्च की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यह मार्च सुल्तानपुर लोधी से शुरू होकर विभिन्न जोनों से गुजरते हुए आरसीएफ (रेल कोच फैक्ट्री), कपूरथला पहुंचेगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे डिप्टी कमिश्नर कपूरथला को किसानों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में जिला उपाध्यक्ष परमजीत सिंह, डल्ला जोन के प्रधान मलकीत सिंह, सुल्तानपुर जोन के प्रधान तथा अन्य किसान नेता भी मौजूद रहे।
