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चावला मोबाइल प्वांइट पर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा

Punjab ujala news : बीते दिन अवतार नगर रोड स्थित चावला मोबाइल प्वांइट में गोली चलाकर दहशत फैलाने के बदले काबू आरोपी गुरलाल सिंह निवासी जैतों जिला फरीदकोट द्वारा गोली चलाकर दहशत फैलाने के बदले उसे यू.के. में बैठे एकम ने 15 हजार रुपए दिए थे। सूत्रों की माने तो पुलिस ने पुरा केस ट्रेस भी कर लिया है, हालांकि इस केस में 2 आरोपियों को पुलिस काबू करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। ए.सी.पी. वैस्ट आतिश भाटिया भी इस बात की पृष्टि कर रहे हैं कि जल्द ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर मीडिया के समक्ष पेश करेंगी और पूरे मामले की गुत्थी को सुलझा लिया गया है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक यू.के. में बैठे एकम ने गुरलाल को ही मारने की सुपारी दी थी। वारदात को अंजाम देने से पहले गुरलाल बस स्टैंड के पास होटल में ठहरा था, वही उसकी मुलाकात उसके पुराने दोस्त से हुई। उसका यह दोस्त वारदात में शामिल व फरार चल रहा गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी गांव धीना का भाई है। गुरलाल के इसी दोस्त से उसकी मुलाकात कुछ साल पहले अमृतसर में हुई थी।दरअसल गुरलाल सेना में भर्ती होने के लिए अग्निवीर का टैस्ट देने गया था। वह किसी कारण सेना में भर्ती नहीं हो सका और उसकी वहां दोस्ती आरोपी गुरप्रीत सिंह के छोटे भाई से हुई। इसके बाद दोनों काफी समय बाद बस स्टैंड में मिले, क्योंकि गुरलाल बस स्टैंड में कमरा किराए पर ले कर स्टे कर रह रहा था। दोस्त के कहने पर वह धीना में गुरप्रीत उर्फ गोपी के घर में रहने लगा। इसी बीच नई कहानी की शुरूवात हुई। गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी व गुरलाल की दोस्ती हो गई। गुरलाल ने उसे 1 हजार दिए और वारदात में शामिल कर लिया।

वारदात से पहले 19 जून को की थी रैकी 

पुलिस सूत्रों की माने तो मोबाइल शाप वाला विदेश में बैठे एकम को 50 लाख की राशि नहीं दे रहा था और एकम गोलियां चलवाकर मोबाइल मालिक को डराना चाहता था। गुरलाल ने गुरप्रीत सिंह व एक अन्य युवक मता निवासी गांव धीना को साथ लिया। एक ने सिर पर पगड़ी पहनी तो दूसरे ने टोपी ताकि उनकी पहचान न हो सके।वारदात के दौरान जिस रिवाल्वर से गोली चलाई थी, वह भी पुलिस ने गुरलाल से रिकवर कर लिया है। 32 बोर का रिवाल्वर जिसका लाईसैंस नहीं है और अवैध हथियार यू.पी. या बिहार से आए व्यक्ति ने गुरलाल को दिया था। वहीं वारदात में जो मोटरसाइिकल इस्तेमाल हुआ उसे गुरप्रीत छोड़ कर फरार हो गया था। पुलिस को शक है कि उक्त मोटरसाइकिल चोरी का हो सकता है। क्योंकि मोटरसाइकिल के आगे-पीछे नंबर प्लेट नहीं है। आगे लगी नंबर प्लेट में अभि लिखा हुआ है। पुलिस आर.टी.ओ. दफ्तर से मोटरसाइकिल का चैसी नंबर लेकर मालिक को ढूढेंगी।