Search for:
  • Home/
  • India/
  • कोर्ट का नया फैसला, पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्ति पर अब होगा परिवार का बराबर अधिकार

कोर्ट का नया फैसला, पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्ति पर अब होगा परिवार का बराबर अधिकार

Punjab ujala news : आजकल अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई प्रॉपर्टी खरीदता है तो वह घर की महिला यानी पैसे कमाने वाले की पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकृत होने पर पंजीकरण लागत कम हो जाती है। लेकिन कुछ मामले ऐसे भी सामने आए हैं कि पत्नी का मालिकाना हक खत्म होने के बाद पत्नी ही पति की कमाई से बनाई गई संपत्ति पर अपना हक जताती है। ऐसा ही एक मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने आया. जिस पर कोर्ट ने कहा है कि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी के नाम पर खरीदी गई संपत्ति पारिवारिक संपत्ति मानी जाएगी. ऐसा इसलिए क्योंकि पत्नी के पास आय का कोई जरिया नहीं है. कोर्ट ने कहा कि भारतीय परिवारों में पतियों द्वारा अपनी पत्नियों के नाम पर संपत्ति खरीदना आम बात है.

पत्नी की संपत्ति को पारिवारिक संपत्ति मानने का यह फैसला कोर्ट ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 114 के तहत लिया है. कोर्ट का कहना है कि धारा 144 के तहत यह माना जा सकता है कि हिंदू पति अपनी कमाई से गृहिणी के नाम पर संपत्ति खरीदता है क्योंकि सामान्य परिस्थितियों में पत्नी के पास आय का कोई स्रोत नहीं होता है. इससे परिवार के सदस्यों के साथ पत्नी को भी संपत्ति पर बराबर का अधिकार होगा.

पत्नी की निजी संपत्ति

इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई महिला अपनी निजी संपत्ति नहीं खरीद सकती. अगर कोई महिला कोई संपत्ति खरीदती है और उस पर निजी दावा करती है तो उसे अपनी आय का प्रमाण देना होगा। ऐसे साक्ष्य जिनके आधार पर यह साबित होता है कि संपत्ति महिला ने अपनी कमाई से खरीदी है और इसमें उसके पति या परिवार के किसी अन्य सदस्य का कोई योगदान नहीं है। इस मामले में महिला अपनी संपत्ति की एकमात्र मालिक होगी।