दोमोरिया पुल फ्लाईओवर के नीचे बनाया वाटर हार्वेस्टिंग से लैस पार्क ।
पंजाब उजाला न्यूज
जालंधर (राहुल कश्यप) प्राचीन शिव मंदिर प्रबंधक कमेटी (रजि.) की ओर से दोमोरिया पुल फ्लाईओवर के नीचे पार्क का निर्माण किया गया है। यह जालंधर का पहला पार्क है जिसमें वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है। इसके लिए 120 फुट गहरा बोर किया गया। इसमें 100 फुट का फिल्टर लगाया गया है। अंडरग्राउंड टैंक का निर्माण भी किया गया है ताकि बारिश का पानी पार्क में इकट्ठा न हो। पार्क बनाने का काम वर्ष 2006 में शुरू हुआ था जब गैमन इंडिया कंपनी ने दोमोरिया पुल फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा किया। फ्लाईओवर के नीचे लोगों ने कूड़ा फेंकना शुरू कर दिया। फ्लाईओवर बनाने वाली कंपनी भी कंक्रीट का मलबा यूं ही फेंक कर चली गई तो लोगों ने मंदिर के साथ पड़ी खाली जगह पर मत पशु दफनाने शुरू कर दिए। प्राचीन शिव मंदिर प्रबंधक कमेटी (रजि) की ओर से फ्लाईओवर के नीचे ग्रीन बेल्ट बनाने के लिए आवेदन किया गया। काफी अड़चनों के बाद वर्ष 2011 में नगर निगम ने मंदिर प्रबंधक कमेटी के साथ पार्क बनाने का एग्रीमेंट किया, जो हर पांच साल बाद रीन्यू होता रहा। पार्क में लुप्त होते जा रहे पौधे लगाए गए। यहां कमेटी के प्रधान यादव खोसला, श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव राजेश विज, रमनजीत सिंह सिक्की, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से स्वामी सदानंद जी, राज कुमार सहगल, चीनू सहगल, शैंकी सहगल, सतपाल कुशवाहा, संग्राम सहोता, ईमान सहोता, जगमोहन सिंह खोसला, वीरेंद्र खन्ना, दीपक झांजी, सुरेंद्र सचदेवा व अन्य उपस्थित थे
