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सिविल अस्पताल में नशेड़ियों का आतंक

Punjab ujala news : सिविल अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों और पुलिस प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते चोरों के हौसले पूरी तरह बुलंद हो चुके हैं। सिविल अस्पताल परिसर में स्थित डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डी.ई.आई.सी.) को निशाना बनाते हुए शातिर चोरों ने लगातार 2 दिन धावा बोलकर 4 ए.सी. की तांबे की पाइपें और बिजली की तारें काटकर चोरी कर लीं। पूरी वारदात अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें रात करीब 11 बजे चोर वारदात को अंजाम देते साफ नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, बच्चों के इलाज और थैरेपी के लिए बना डी.ई.आई.सी. सेंटर अस्पताल परिसर में वेरका बूथ की पिछली तरफ स्थित है। चोरों ने लगातार दो रातें सेंटर की रेकी की और एक-एक कर 4 एसी की कीमती कॉपर पाइपें, वायरिंग और अन्य सामान काटकर उखाड़ लिया। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि वारदात को रात करीब 11 बजे अंजाम दिया गया, जब अस्पताल परिसर में सुरक्षा गाड्र्स की तैनाती का दावा किया जाता है। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि यह पूरी तरह नशेडिय़ों का काम है। अस्पताल के आसपास और परिसर में घूमने वाले नशेड़ी रात के अंधेरे में कॉपर पाइपें और तारें चुराते हैं। जोकि चोरी किया गया यह तांबा और तारें अवैध कबाडिय़ों को औने-पौने दामों में बेच दी जाती हैं और उससे मिले पैसों से नशे के टीके व अन्य नशीले पदार्थ खरीदे जाते हैं।

पिछले साल भी हुई थी चोरी, पुलिस ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई :
हैरानी की बात यह है कि इसी डी.ई.आई.सी. सेंटर में पिछले साल भी ऐसी ही चोरी की वारदात हुई थी। अस्पताल प्रशासन द्वारा शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने न तो कोई ठोस केस दर्ज किया और न ही जांच आगे बढ़ाई। पुलिस की इसी ढुलमुल कार्यशैली और लापरवाही का नतीजा है कि चोरों के मन से कानून का खौफ खत्म हो चुका है और वे बार-बार बेखौफ होकर अस्पताल की सरकारी संपत्ति पर हाथ साफ कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
सिविल अस्पताल में चौबीसों घंटे निजी सुरक्षा कर्मी और पुलिस चौकी मौजूद होने के बावजूद इस तरह लगातार हो रही चोरियों ने सुरक्षा तंत्र की पोल खोलकर रख दी है। मरीजों और स्टाफ का कहना है कि अगर संवेदनशील स्वास्थ्य केंद्रों पर ही सुरक्षा के ऐसे हालात हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। आला अधिकारियों को चाहिए कि वे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों व उनके खरीदार कबाडिय़ों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसें।