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जालंधर में NHM कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा

Punjab media news : करीब दो दशक से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी सड़कों पर उतरे और जालंधर के प्रेस क्लब चौक तक मार्च निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों का आरोप है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उनकी नौकरी को लेकर स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। इसी मुद्दे को लेकर 13 अगस्त से अलग-अलग स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

सिविल सर्जन कार्यालय से शुरू हुआ प्रदर्शन

बुधवार को कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए प्रेस क्लब चौक पहुंचे। प्रदर्शन में आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हुए। उनका कहना था कि स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने समेत उनकी अन्य मांगों पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।

सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार पर अपने वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। यूनियन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। कर्मचारियों ने कहा कि वे लगातार मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी

यूनियन प्रतिनिधियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

2 सितंबर को होगी अहम बैठक

अब कर्मचारियों की नजर 2 सितंबर को होने वाली बैठक पर है। सरकार की ओर से यूनियन के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए समय दिया गया है। कर्मचारी नेताओं ने उम्मीद जताई है कि इस बैठक में उनकी मांगों पर कोई ठोस रास्ता निकलेगा। वहीं, कर्मचारियों के लंबे आंदोलन के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। यूनियन ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों का समाधान जल्द किया जाना जरूरी है, ताकि सेवाएं सामान्य रूप से चल सकें।